आइ.सी.एल की रणभूमी मे उतरने को तैयार हैं 'ढाका वरियर्स'.. पहले 'लहौर बादशाह' और अब 2008 सत्र मे 'ढाका वरियर्स', इन टीमों के प्रतियोगिता मे खेलने से प्रतिस्पर्धा तो बढ़ ही गई है, साथ ही साथ दर्शकों मे भी इस बात को लेकर उत्सुकता और रोमांच काफ़ी है।
अगर इस टीम के उपर नज़र डा ली जाये तो ये एक बिल्कुल ही संतुलित टीम नज़र आती है, युवा और अनुभव का बेहतरीन मिश्रण है ढाका वरियर्स मे।
टीम की अगुवायी दायें हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज़ हबीब-उल-बशर करेंगे, जिन्होंने बंग्लादेश के लिये कई ज़बर्दस्त पारियाँ खेली हैं। इनके अलावा टीम मे अनुभवी बायें हाथ के स्पिनर तथा लंबी हीट करने मे माहिर मोहम्मद रफ़ीक़ हैं, जो ट्वेन्टी-20 क्रिकेट के लिये घातक साबित हो सकते हैं। अलोक कपाली भी टीम मे मोजुद हैं जिन्होंने हाल ही मे भारत के ख़िलाफ़ एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय मुक़ाबलों मे शतक जड़ने वाले पहले बंग्लादेशी खिलाड़ी होने का गौरव प्राप्त किया है।
आफ़ताब अहमद भी एक उपयोगी हरफ़नमौला खिलाड़ी हैं, साथ ही साथ 'ढाका वरियर्स' की गेंदबाज़ी भी काफ़ी मज़बूत नज़र आ रही है, तापस बैसया के कंधों पर तेज़ गेंदबाज़ी का दारोमदार है और उनका साथ देने के लिये युवा तेज़ गेंदबाज़ फ़रहाद रज़ा भी हैं।
कुल मिलाकर अगर देखा जाये तो 'ढाका वरियर्स' इस प्रतियोगिता मे अपने विरोधियों को कड़ी टक्कर देने के लिये तैयार हैं, 'ढाका वरियर्स' को अपना पहला मैच 11 ऑक्टुबर को पहले आइ.सी.एल के विजेता रहे 'चेन्नई सुपरस्टार्स' के साथ खेलना है।
'ढाका वरियर्स' की संभावित टीम इस प्रकार हैः
आफ़ताब अहमद आलोक कपाली धिमन घोश फ़रहाद रज़ा मन्जुरल इस्लाम माबुद चौधरी मैहबुब-उल-करीम मोहम्मद रफ़ीक़ मोहम्मद शरीफ़ मोशर्रफ़ होसैन शहरियार नफ़ीस तापस बैसया
- सैयद हुसैन
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